8वां वेतन आयोग एरियर कैलकुलेटर
अगर नया वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू हो, लेकिन मिले बाद में, तो बीच का अंतर एरियर के रूप में मिलता है। देखें कितना, महीने-दर-महीने।
अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 रहा
अनुमानित एरियर: ₹2,15,853
= 2 लाख 15 हज़ार 853 रुपये
15 महीने, जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक
NPS/UPS 10% कटने के बाद: ₹1,94,268
| महीना | पुराना वेतन + DA | नया वेतन + DA | अंतर |
|---|---|---|---|
| जनवरी 2026DA 60% · 0% | ₹71,840 | ₹86,200 | ₹14,360 |
| फ़रवरी 2026DA 60% · 0% | ₹71,840 | ₹86,200 | ₹14,360 |
| मार्च 2026DA 60% · 0% | ₹71,840 | ₹86,200 | ₹14,360 |
| अप्रैल 2026DA 60% · 0% | ₹71,840 | ₹86,200 | ₹14,360 |
| मई 2026DA 60% · 0% | ₹71,840 | ₹86,200 | ₹14,360 |
| जून 2026DA 60% · 0% | ₹71,840 | ₹86,200 | ₹14,360 |
| जुलाई 2026DA 63% · 1% | ₹75,306 | ₹89,587 | ₹14,281 |
| अगस्त 2026DA 63% · 1% | ₹75,306 | ₹89,587 | ₹14,281 |
| सितंबर 2026DA 63% · 1% | ₹75,306 | ₹89,587 | ₹14,281 |
| अक्टूबर 2026DA 63% · 1% | ₹75,306 | ₹89,587 | ₹14,281 |
| नवंबर 2026DA 63% · 1% | ₹75,306 | ₹89,587 | ₹14,281 |
| दिसंबर 2026DA 63% · 1% | ₹75,306 | ₹89,587 | ₹14,281 |
| जनवरी 2027DA 66% · 3% | ₹76,692 | ₹91,361 | ₹14,669 |
| फ़रवरी 2027DA 66% · 3% | ₹76,692 | ₹91,361 | ₹14,669 |
| मार्च 2027DA 66% · 3% | ₹76,692 | ₹91,361 | ₹14,669 |
| अनुमानित एरियर | ₹2,15,853 |
एरियर पर उसी साल टैक्स लगता है जिसमें वह मिलता है। पिछले सालों का वेतन देर से मिलने पर आयकर कानून में राहत का प्रावधान है; रिटर्न भरने से पहले इसका दावा करें।
यह एक अनुमान है। 8वें वेतन आयोग ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं दी है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर, पे मैट्रिक्स और भत्ते अभी तय नहीं हैं।

एरियर के बारे में
8वें वेतन आयोग का एरियर कैसे निकाला जाता है?
लागू होने की तारीख से नया वेतन मिलने तक, हर महीने के नए वेतन + DA और पुराने वेतन + DA का अंतर जोड़ा जाता है। सालाना इंक्रीमेंट और हर छह महीने में बदलने वाला DA भी गिना जाता है।
क्या HRA और TA का भी एरियर मिलेगा?
7वें वेतन आयोग में एरियर सिर्फ़ मूल वेतन और DA पर मिला था। नए भत्ते 1 जुलाई 2017 से लागू हुए थे। 8वें आयोग में क्या होगा, यह सरकार तय करेगी, इसलिए हमने इसे एक विकल्प के रूप में रखा है।
एरियर पर टैक्स कैसे लगेगा?
एरियर उसी साल की आय में जुड़ता है जिसमें वह मिलता है। पिछले सालों का वेतन देर से मिलने पर ज़्यादा टैक्स न लगे, इसके लिए आयकर कानून में राहत का प्रावधान है; रिटर्न भरने से पहले इसका दावा करें।